🥇A tale of U-turns on the three farm laws

तीन खेत कानूनों ( Three farm laws )पर यू-टर्न की कहानी

ये जो farm बिल पर राजनीती हो रही है ये clyster clear हैं।

साफ़ साफ़ दिख रहा हैं की ये प्रधानमंत्री versus बाकी सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक संगठन है।

ख़ास बात ये है की जब Opposition सत्ता में थे तब उनके नेता farm bill को

सुधारों की बात करते थे, लेकिन अब जब यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है, तो वे नाखुश हैं।

कभी खुद बड़े Agricultural Reforms की वकालत करने वाले आज केंद्र को नसीहत दे रहे हैं।

 

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और इस वीडियो में आपको प्रूफ के साथ बताने जा रहा हूँ कांग्रेस पार्टी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और भारतीय किसान यूनियन पहले क्या बोलै था और अब क्या बोल रहे हैं।

मैं आज भी किसानो के साथ हूँ लेकिन राजनितिक पार्टियों जो खेल खेल रही है उसको भी दिखाना जरुरी हैं।

Congress’s U-turn on Three farm laws in Hindi

(New Farm Bill 2020) को लेकर कांग्रेस One Nation, One Market यानी एक देश एक बाजार के सिस्टम का विरोध कर रही है।
लेकिन उसके विरोध में कितनी हकीकत है ये मैं आपको बताने जा रहा हूँ। ‘

2019 – Remove APMC Act

2019 के चुनाव घोषणापत्र में कांग्रेस ने वादा किया था कि वो सत्ता में आने के बाद Agricultural Produce Market Committee यानी
APMC Act को खत्म कर देगी, ताकि किसान अपनी मर्जी से कहीं भी फसल बेच सकें। किसानों पर अपनी पैदावार दूसरे राज्यों या दूसरे देशों में सीधे बेचने पर भी कोई रोक नहीं होगी.

2014 – Remove fruits & Vegetables from APMC Act

2014 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस सरकार ने फलों और सब्जियों को APMC एक्ट से बाहर करने का ऐलान किया था, ताकि किसान अपनी पैदावार जहां चाहें बेच सकें।

कांग्रेस ने इसे अपनी सरकार वाले राज्यों में लागू भी किया था।

Arvind Kejriwal’s U-turn on Three farm laws in Hindi

आम आदमी पार्टी के केजरीवाल ने अपने पंजाब चुनाओ घोषणा पत्र में यह वादा भी किया था कि कृषि उपज मंडी एक्ट (APMC Act)
में सुधार किया जाएगा ताकि किसान अपनी उपज अपनी मर्जी के खरीदारों को पंजाब के हर जिले और राज्य के बाहर भी बेच सकें।

वहां पर मंडियों में प्राइवेट निवेश किया जाएगा ताकि ग्रामीण Entrepreneur को उसी तरह का लाभ मिल सके जैसा इंडस्ट्रियल और आईटी स्टार्टअप्स को मिलता है।

वहीं, आपको बता दें कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों में से एक की अधिसूचना 23 नवंबर 2020 को जारी कर चुकी है।

Amarinder Singh’s U-turn on Three farm laws in Hindi

अमरिंदर सिंह ने APMC को अपग्रेड करने की आवश्यकता के बारे में बात करते आ रहे है।

2017 के पंजाब चुनाव में कांग्रेस के घोषणापत्र में भी कहा गया है, “APMC Act का एक अपडेशन होगा बिना MSP प्रणाली के साथ छेड़छाड़ किए बिना digital technology के माध्यम से किसानों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक सीधे पहुंच सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा”।

Sharad Pawar’s U-turn on Three farm laws in Hindi

शरद पवार (Sharad Pawar) वो नेता हैं जिन्होंने कृषि मंत्री रहते हुए कृषि कानूनों में बड़े बदलाव (Farm Reforms) की वकालत की थी.
शरद पवार ने सन् 2005, 2007, 2010 और 2011 में पत्र भी लिखे थे.

APMC को लेकर अभी जो बवाल मचा हुआ है, यही शरद पवार 2010 में 2शीला दीक्षित को पत्र लिखा था जिसमे APMC एक्ट में बदलाव की वकालत कर रहे थे।

उसी पत्र में 25 मई 2005 और 12 मई 2007 के पत्रों की भी याद दिलाई थी.

U-turn on Three farm laws in Hindi

इसी तरह का एक पत्र शरद पवार ने नवंबर 2011 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) को भी लिखा था।

इस पत्र में शरद पवार (Sharad Pawar) ने लिखा था कि कृषि सुधार के लिए प्राइवेट सेक्टर की involement महत्वपूर्ण हो सकती है।
शिवराज से भी उन्होंने APMC एक्ट में बदलाव की वकालत की थी।

उसी समय उन्होंने सरकारी मंडियों के अलावा प्राइवेट प्रतियोगी बाजार की जरूरत बताई थी।
अब NCP प्रमुख शरद पवार का नजरिया बदल गया है।

BKU’s bhartiya kisan union U-turn on Three farm laws in Hindi

भारतीय किसान यूनियन कहती है की वो किसानो की संगठन हैं। संगठन तो किसानो की ही है मगर चलता है राजनेता के इशारे पर।
आप ये 2004, 9, 14 , 19 की न्यूज़ पेपर की कटाई देख सकते हैं। जब कभी भी भारत में इलेक्शन हुआ है कांग्रेस को खुल कर सुप्पोर्ट किया हैं।

ये जो ट्वीट है ये 2019 में किया गया था। इसमें राहुल गाँधी , जयराम रमेश और सुरेवाला को टैग किया है।
और दिखाया जा रहा है प्रधानमंत्री चोर है। ये यूनियन ही है या फिर पॉलिटकल पार्टी।

ये ट्वीट 2018 में किया गया था। इसमें भारतीय किसान यूनियन लिखता है की राहुल गाँधी जी किसान बिचौलिया से डरते हैं।
arhtiyas किसानों को बंधुआ मजदूर बना कर रखता हैं। कृपया आप अपने 2019 की घोषणा पत्र में इसका कुछ करे।

मतलब मेरा कहने का ये है की भारतीय किसान यूनियन को 2019 में लगा की कांग्रेस जित जाएगी
इसलिए farm bill को सपोर्ट किया मगर ऐसा हुआ नहीं इसलिए विरोध चल रही है।

दर्शन पाल क्रांतिकारी किसान यूनियन के president हैं। यहाँ तक तो ठीक है मगर ये pdfi के संश्थापक भी थे। pdfi का affiliation
Communist Party of India (maoists ) से था। कांग्रेस ने CPI को (UAPA) के तहत 22 जून 2009 को banned कर दिया था
और कहा था ये terrorist संगठन हैं। इसकी पूरी डिटेल्स इस वीडियो में मिल जाएगी।

जाते जाते एक बात बता रहा हूँ की भारत में जितने यूनियन है वो पहले आम जनता का ही साथ देते हैं मगर
समय के साथ कही नहीं कही पोलिटिकल पार्टी से मिल जाते है।

कही न कही communist पार्टी से भी मिल जाते है। अगर विश्वास नहीं है तो गूगल इमेज में यूनियन प्रोटेस्ट कर क सर्च करना। आप को सिर्फ लाल झंडा नजर आएगा।

बाकि आप समझदार हो आपको भी पता होगा लाल झंडा और लाल सलाम। ….

A tale of U-turns on the three farm laws

These are clyster clear who is getting politicized on the farm bill.

It is clearly visible that it is the Prime Minister versus all other national and regional political organizations.

The special thing is that when the Opposition was in power then their leader farm bill Used to talk of reforms, but now that this historic step has been taken, they are unhappy.

The advocates of big agricultural reforms themselves are now advising the center.

And in this video, I am going to tell you with proof, Congress Party, Delhi

What Chief Minister Arvind Kejriwal, Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh, and Bharatiya Kisan Union had said earlier and now what they are speaking.

I am still with the farmers today, but it is also important to show the political parties that are playing the game.

 Congress’s U-turn

(New Farm Bill 2020), Congress is opposing the system of One Nation, One Market i.e. One Country One Market.
But I am going to tell you how much reality is there against him. ‘

2019 – Remove APMC Act

In the 2019 election manifesto, the Congress promised that after coming to power, the Agricultural Produce Market Committee i.e.

APMC will abolish the Act so that farmers can sell the crop anywhere they want.

There will also be no restriction on farmers to sell their produce directly to other states or other countries.

2014 – Remove fruits and Vegetables from APMC Act

Just before the Lok Sabha elections in 2014, the Congress government announced the exclusion of fruits and vegetables from the APMC Act, so that farmers can grow their produce.

Can sell wherever you want.

The Congress also implemented it in the states with its government.

 Arvind Kejriwal’s U-turn

Kejriwal of the Aam Aadmi Party had also promised in his Punjab Election Manifesto that the Agricultural Produce Market Act (APMC Act) will be improved so that farmers can sell their produce to buyers of their choice in every district of Punjab and also outside the state.

Private investment will be made in the mandis there so that the rural Entrepreneur gets the same benefit as the industrial and IT startups.

At the same time, let us tell you that the Kejriwal government of Delhi has issued notification of one of the three central agricultural laws on 23 November 2020.

 Amarinder Singh’s U-turn

Amarinder Singh has been talking about the need to upgrade APMC.

The Congress manifesto in the 2017 Punjab elections also states, “There will be an updation of the APMC Act
Without digital technology without tampering with the MSP system, the farmers were given national and
Will be done to ensure direct access to international markets ”.

Sharad Pawar’s U-turn

Sharad Pawar is the leader who advocated major changes in agricultural laws while being the Minister of Agriculture.
Sharad Pawar also wrote letters in 2005, 2007, 2010, and 2011.

Sharad Pawar wrote a letter to 2 Sheila Dixit in 2010, which was advocating a change in the APMC Act.
In the same letter, the letters of 25 May 2005 and 12 May 2007 were also reminded.

Also wrote a letter to Shivraj

A similar letter was also written by Sharad Pawar to the Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan in November 2011.

In this letter, Sharad Pawar wrote that the involvement of the private sector can be important for agricultural reform.

He also advocated a change in the APMC Act from Shivraj.

At the same time, he had stated the need for a private competitive market besides government mandis.
Now the view of NCP chief Sharad Pawar has changed.

BKU’s U-turn

The Bharatiya Kisan Union states that they are farmers’ organizations. The organization belongs to the farmers but runs at the behest of the politician.

You can see the newspaper cut of 2004, 9, 14, 19. Whenever there has been an election in India, Congress has been openly supported.

This is a tweet that was done in 2019. It has tagged Rahul Gandhi, Jairam Ramesh, and Surewala.
And the Prime Minister is shown is a thief. Is this union or political party?

This tweet was done in 2018. In this, the Indian Farmers Union writes that Rahul Gandhi is afraid of the middleman.
The arhtiyas keep the farmers as bonded laborers. Please do something about this in your 2019 manifesto.

I mean to say that in 2019, the Indian Farmers Union felt that the Congress would win.

That is why the farm bill was supported, but it did not happen, so the protest is going on.

Darshan Pal is the President of the Revolutionary Farmers Union. Even so, but he was also the founder of pdfi. affiliation of pdfi.

The Communist was from the Party of India (Maoists). Congress was banned under the CPI (UAPA) on 22 June 2009 And said that these are terrorist organizations. Full details of this will be found in this video.

I am telling one thing while going that as many unions are there in India, they support the general public first, but
Over time, they never meet the political party. Some people also meet a communist party.

If you do not believe then search for the union by searching in Google image. You will only see a red flag.
The rest of you are smart, you will also know the red flag and red salute. ….

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AUTHORNishant Chandravanshi

Nishant Chandravanshi is the founder of The Magadha Times & Chandravanshi. Nishant Chandravanshi is Youtuber, Social Activist & Political Commentator.

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