Farmers Protest Hijacked by Maoists and Naxalites

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Farmers Protest Hijacked by Maoists and Naxalites

किसानों का जो शांतिपूर्ण protest चल रहा हैं वो पूरी तरह से hijacked हो चूका है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, टिकरी सीमा पर किसान international level पर Protest कर रहे थे।
उसका नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहन कर रही थी।
खास बात ये थी की उसी दिन मानवाधिकार दिवस था।
और इसलिए भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व 20 से अधिक मानवाधिकार कार्यकर्ता की रिहाई की मांग की गई थी।

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संबिधान ने हमे हक़ दिया हैं प्रोटेस्ट करने का तो किसान कर रहे है तो इस में कोई गलता नहीं।
दूसरी बात प्रोटेस्ट के साथ साथ वो लोग कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ता की रिहाई की मांग भी कर रहे थे। रिहाई माँग करना भी कोई गलत बात नहीं है।
मगर अब ये मानवाधिकार कार्यकर्ताओं है कौन कौन ये जानना बहुत जरूर हो गया है।
अगर आप प्रोटेस्ट की बैनर को zoom कर के देखते है तो आपको पता
चलेगा की इस लिस्ट के लगभग आधे नाम भीमा कोरेगांव दंगा case के chargesheet में मिल जायेगा और
बाकी नाम delhi हिंसा case के chargesheet में मिल जायेगा।
और कुछ ऐसे लोग भी है जिनका नक्सलियों और ISI के साथ सम्बन्ध हैं। और ये मैं नहीं NIA का कहना हैं।

 

***Bhima Koregaon violence ***

Gautam Navlakha, Sudha Bhardwaj, Varvara Rao, Vernon Gonsalves and
Arun Ferreira

भीमा कोरेगांव दंगे 2 जनवरी 2018 को हुआ था ।
और जितने भी नाम आप देख रहे हैं, वे सभी भीमा कोरेगांव दंगों के आरोपी हैं।

गौतम नवलखा, वरवारा राव, सुधा भारद्वाज, वरवरा राव, वर्नोन गोंजाल्विस और अरुण फरेरा और का लिंक सक्रिय माओवादी से हैं।
उन्हें भीमा कोरेगांव मामले के संबंध में UAPA Act के तहत मामला दर्ज किया गया है।
UAPA Act क्या हैं ?
UAPA Act 1967 में लाया गया था. अगर कोई संस्था देशद्रोही काम कर रहा है तो इस act के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर सकते हैं।
2019 में इसमें संशोधन किया गया, जिसके बाद संस्था के आलावा व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित किया जा सकता हैं अगर वो देशद्रोही काम कर रहा है तो।
NIA ने कोर्ट को बताया कि गौतम नवलखा का ISI से संबंध हैं।

NIA की जांच के मुताबिक भीमा कोरेगांव का हिंसा अचानक नहीं हुआ था।
इसके पीछे सोची समझी साजिश थी।
उनका मकसद मोदी सरकार को अस्थिर करना था।
इसके लिए दलित और मुस्लिम समुदाय को सरकार के
खिलाफ भड़का जा रहा था ताकि वो हिंसा करे।
आपके लिए ये जानना जरूरी है कि भीमा कोरेगांव हिंसा की साजिश में सिर्फ नक्सलियों और माओवादियों का साथ नहीं थी।
इसका कनेक्शन कश्मीर से लेकर पाकिस्तान तक था।
भीमा कोरेगांव हिंसा के एक आरोपी गौतम नवलखा का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध सामने आया है।

***Delhi riots accused***
प्रोटेस्ट में दादी जी ने जो बैनर पकड़ के रखा है, उस बैनर में जितने लोग हैं उनके खिलाफ कोर्ट ने भी संज्ञान ले रखा है,
जिसमें दिल्ली के पुलिस हेड कांस्टेबल रतन लाल और अन्य को दिल्ली के दंगों में मार दिया गया था।
प्रोटेस्ट में दादी जी ने जो बैनर पकड़ के रखा है, उस बैनर में कुछ लोग वैसे भी है जिस पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा,
दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल का हत्या का आरोप लगा हैं।
दादी जी को ये भी नहीं होगा की उनके ऊपर खिलाफ कोर्ट ने भी संज्ञान ले रखा है।

जी हाँ टीकरी बॉर्डर पर किसान यूनियन उगराहां गुट ने दिल्ली दंगे के आरोपियों उमर खालिद, शरजील इमाम और खालिद सैफी के पोस्टर लगाए थे और
उन्हें रिहा करने की मांग की गई थी।

Umar Khalid
उमर खालिद को दिल्ली दंगों के मामले में UAPA act के तहत गिरफ्तार किया गया हैं।
कहानी यहाँ ख़त्म नहीं हुआ हैं।
उमर खालिद जेएनयू से पीएचडी किया था और जेएनयू में ही अफजल गुरु की फांसी के खिलाफ कथित तौर पर एक कार्यक्रम किया था। यह भी आरोप लगे की कार्यक्रम के दौरान भारत विरोधी नारे लगाए गए।
इसलिए उमर खालिद और कन्‍हैया कुमार पर राष्‍ट्र्रद्रोह का केस दर्ज किया गया था।
साल 2018 में भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा से जुड़ी एक एफआईआर में उमर खालिद का भी नाम था।
सब-इंस्‍पेक्‍टर अरविंद कुमार ने एक इन्‍फॉर्मर के हवाले से कहा कि उमर खालिद ने किसी दानिश नाम के शख्‍स और दो अन्‍य लोगों के साथ
मिलकर दिल्‍ली दंगों की साजिश रची थी।

Sharjeel Imam
CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में जो दंगों हुए थे के संबंध में शारजील इमाम को UAPA act के तहत गिरफ्तार किया गया था।
शरजील इमाम ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में दौरान देशविरोधी बयान देते हुए असम को देश से काटने की बात कही थी।
इस बयान के सामने आने पर शरजील के खिलाफ असम और उत्तर प्रदेश में देशद्रोह की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।

Khalid Saifi
खालिद सैफी को दिल्ली दंगों के मामले में UAPA act के तहत गिरफ्तार किया गया था।
इतना ही नहीं SIT का दावा है कि खालिद सैफी ने ही शाहीनबाग में जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष उमर खालिद और ताहिर हुसैन की मुलाकात कराई थी।

अब आप बताये ये उम्र खालिद , शरजील इमाम और खालिद सैफ़ी कब से किसान हो गए हैं ?
BKU एकता उग्राहन ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें साझा की थीं।
https://thelogicalindian.com/fact-check/protesting-farmers-held-posters-in-support-of-activists-umar-khalid-varavara-rao-others-25388

*** Bhartiya kisan union***
दर्शन पाल क्रांतिकारी किसान यूनियन के President अध्यक्ष हैं।
दर्शन पाल People’s Democratic Front of India (PDFI) के भी संस्थापक थे।
दूसरा संस्थापक वरवारा राव हैं। वरवारा राव UAPA act के तहत गिरफ्तार किया गया था।
(PDFI) जो हैं वो CPI (Maoist) यानि Communist Party of India से affiliate है।
Communist Party of India (Maoist) एक नक्सली संगठन है।
CPI (Maoist) देश में वामपंथी आतंकवाद फैलता था ।

Communist Party of India को (UAPA) के तहत 22 जून 2009 को प्रतिबंधित कर दिया गया था।
कांग्रेस सरकार ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) को ‘आतंकवादी’ संगठन घोषित कर दिया है।
खास बात ये भी है की (PDFI) जो की एक माओवादी संगठन से जुड़ा है उसके संस्थापक दर्शन पाल थे।
दूसरा संस्थपक Varvara Rao थे। ये यही वरवरा राओ है जिन पर (UAPA) act लगा है।
ये यही वरवरा राओ हैं जिनकी बैनर farmer protest में देखि थी।

अब हम स्पष्ट रूप से कह सकते हैं कि 10 दिसंबर को बीकेयू एकता उग्राहन के बैनर तले farmer protest नहीं चल रहा था।
कुछ किसानों ने भीमकोरेगांव में हिंसा भड़काने के आरोपी और दिल्ली के दंगों के आरोपियों को रिहा करने की मांग को लेकर धरना दिया।

Source

Delhi riots and Bhina koregaon riots
https://thelogicalindian.com/fact-check/protesting-farmers-held-posters-in-support-of-activists-umar-khalid-varavara-rao-others-25388

cpi
https://www.wsws.org/en/articles/2009/06/indi-j26.html

opindia
https://www.opindia.com/2020/12/farmer-leader-darshan-pal-was-a-founding-member-of-maoist-group-pdfi/

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Farmers Protest Hijacked by Maoists and Naxalites

The peaceful protest of the farmers has been completely hijacked.
According to a report by the Indian Express, farmers at the Tikri border were protest at the international level.
He was led by the Indian Farmers Union Ekta Ugrahan.
The special thing was that Human Rights Day was on the same day.
And so the release of more than 20 human rights activists led by the Bharatiya Kisan Union was demanded.

Promotion has given us the right, if the farmers are doing protection, then there is no fault in this.
Secondly, along with the Protest, they were demanding the release of some human rights activists. It is not wrong to demand release.
But now it is very important to know who these human rights activists are.
If you zoom through the Protest banner, then you know
It will be said that about half of the names of this list will be found in the chargesheet of Bhima Koregaon riot case and
The remaining name will be found in the chargesheet of delhi violence case.
And there are some people who have links with Naxalites and ISI. And this is not I say NIA.

 

*** Bhima Koregaon violence ***

Gautam Navlakha, Sudha Bhardwaj, Varvara Rao, Vernon Gonsalves and
Arun ferreira

Bhima Koregaon riots took place on 2 January 2018.
And all the names you are seeing, they are all accused of Bhima Koregaon riots.

Gautam Navlakha, Varvara Rao, Sudha Bhardwaj, Varvara Rao, Vernon Gonzalvis and Arun Ferreira and have links to active Maoists.
He has been booked under the UAPA Act in connection with the Bhima Koregaon case.
What is UAPA Act?
The UAPA Act was brought in 1967. If an organization is acting as traitor, then under this act, terrorist organizations can be declared.
It was amended in 2019, after which individuals other than the institution can also be declared as terrorists if they are acting as traitors.
The NIA told the court that Gautam Navlakha has links with the ISI.

According to the NIA investigation, Bhima Koregaon violence did not happen suddenly.
There was a well-planned conspiracy behind this.
Their motive was to destabilize the Modi government.
For this, the Dalit and Muslim communities need
It was being provoked against him so that he would commit violence.
It is important for you to know that Bhima Koregaon was not just with the Maoists and Maoists in the conspiracy of violence.
Its connection was from Kashmir to Pakistan.
Gautam Navlakha, an accused in Bhima Koregaon violence, has been exposed to ISI, the Pakistani intelligence agency.

*** Delhi riots accused ***
The court has also taken cognizance against the people who are holding the banner in the Protest, which is in the banner,
In which Delhi Police Head Constable Ratan Lal and others were killed in the Delhi Riots.
In the Protest, the banner that Grandma has held, there are some people in that banner on which Intelligence Bureau (IB) employee Ankit Sharma,
The head constable of Delhi Police Ratan Lal is accused of murder.
Grandma will not even know that the court has taken cognizance against her.

Yes, on the Tikri border, the farmers union Ugrahan faction had put up posters of Delhi riots accused Umar Khalid, Sharjeel Imam and Khalid Saifi and
He was demanded to be released.

Umar khalid
Umar Khalid has been arrested under the UAPA Act in the Delhi riots case.
The story is not over here.
Umar Khalid did his PhD from JNU and allegedly did a program against the hanging of Afzal Guru in JNU itself. It was also alleged that anti-India slogans were raised during the program.
Therefore, a case of sedition was registered against Omar Khalid and Kanhaiya Kumar.
Omar Khalid was also named in an FIR related to the violence in Bhima Koregaon in 2018.
Sub-inspector Arvind Kumar quoted an informer as saying that Omar Khalid along with a Danish man and two others
Together, the Delhi riots were hatched.

Sharjeel imam
Sharjeel Imam was arrested under the UAPA act in connection with the riots in the protests against CAA.
Sharjil Imam had given an anti-national statement during Aligarh Muslim University (AMU) and said that Assam should be cut off from the country.
When this statement came to light, a case was registered against Sharjeel in sedition sections in Assam and Uttar Pradesh.

Khalid saifi
Khalid Saifi was arrested under the UAPA act in the Delhi riots case.
Not only this, the SIT claims that it was Khalid Saifi who had met former JNU President Omar Khalid and Tahir Hussain in Shaheenbagh.

Now you tell me how long have Khalid, Sharjeel Imam and Khalid Saifi become farmers?
BKU Ekta Ugrahan shared her photos on social media.
https://thelogicalindian.com/fact-check/protesting-farmers-held-posters-in-support-of-activists-umar-khalid-varavara-rao-others-25388

*** Bhartiya kisan union ***
Darshan Pal is the President President of the Revolutionary Farmers Union.
Darshan Pal was also the founder of People’s Democratic Front of India (PDFI).
The second founder is Varavara Rao. Varvara Rao was arrested under the UAPA act.
(PDFI) Those who are affiliated with CPI (Maoist) i.e. Communist Party of India.
Communist Party of India (Maoist) is a Naxalite organization.
The CPI (Maoist) used to spread leftist terrorism in the country.

The Communist Party of India was banned under (UAPA) on 22 June 2009.
The Congress government has declared the Communist Party of India (Maoist) a ‘terrorist’ organization.
Special

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