चंद्रवंशी समाज का इतिहास 🥇Chandravanshi Rawani kshatriya 🥇

चंद्रवंशी (Chandravanshi ) क्या है?

चंद्रवंशी समाज (Chandravanshi Samaj) भारतवर्ष के प्राचीनतम द्वापर मानवकाल के क्षत्रिय समाजों में से एक है। चन्द्रवंशी एक प्रकार के क्षत्रिये होते है और ये मगध सम्राट “महराज जरासंध” (Maharaj Jarasandh) के वंशज है. महाराजा जरासंध चन्द्रवंश क्षत्रिय वंश के अंतिम चक्रवर्ती सम्राट थे.।

महाराज जरासंध एक बुद्धिमान, निडर और न्यायप्रिय राजा थे। वो अपने प्रजा को न्याय करने के साथ साथ उन्हें गलत और सही का भेद बताते थे। घर घर का जा कर अनाथ बच्चो और गरीबो को सेवा करना उनका प्रथम कार्य था | असहाय का सहारा बनते थे और उनके समाज में कोई भूखा नहीं सोता था |

Chandravanshi facebook Group

महराज जरासंध (Maharaj Jarasandh) कौन थे ?

हिंदू पौराणिक महाकाव्य महाभारत ग्रन्थ के मुताबिक, महाराजा जरासंध भारत का एक बहुत शक्तिशाली राजा था । वे एक महान सेनापति भी थे। महराज जरासंध (Chandravanshi Maharaj Jarasandh) समुज्ज्वल चरित्र वाले व्यक्ति थे और निष्काम धर्मात्माभी थे। उन्हें मगध सम्राट जरासंध के रूप में भी जाना जाता था। क्षत्रिय उनकी पूजा करते थे, हैं और उन्हें रवानी क्षत्रिय के रूप में बुलाते थे।

बिहार, झारखंड और अन्य प्रांतों में रवानी या रमानी चंद्रवंशी क्षत्रिय और कहार चंद्रवंशी क्षत्रिय भी मिलते हैं. उस समय भारत का नाम मगध हुआ करता था. मगध प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में से एक और आधुनिक पटना, पुराना पटना और गया जिले शामिल थे। वह मगध के बारहद्रथ वंश के संस्थापक महान राजा बृहद्रथ के वंशज भी थे।

मगध का राजा जरासंध एक शक्तिशाली योद्धा भी थे।

उन्होंने बड़ी संख्या में राजाओं के साथ युद्ध किया और उन सभी राजाओ को अपने अधीन कर लिया था और उन्हें कैदी बनाया था। जब उन्होंने एक सौ राजाओं को जीत लिया था, तो उसने कहा गया भगवान शिव के लिए उन्हें बलिदान करने के लिए, और इस तरह युद्ध में अजेय हो जायेंगे।

ये बात भगवन कृष्ण और पांडवो को खलना लगा और फिर चंद्रवंशी महाराज जरासंध और भीम में युद्ध हुआ| ये बात पूरी संसार को पता था की महराज जरासंध को हराना मुमकिन ही नहीं नामुमकिन है और जरासंध कई गुना भीम से शक्तिशाली थे |

फिर भगवान कृष्ण ने संकेत दिया भीम को और भीम इस संकेत को समझ गए। उसने जरासंध को पकड़ लिया लेकिन इस बार धोखे से । भीम ने दो टुकड़ों को ऐसे फेंक दिया कि वे विपरीत दिशाओं में चले गए।

दो टुकड़े एकजुट नहीं हो सके और जरासंध का वध हो गया। देखा जाये तो ये एक तरह छल और कपट से चंद्रवंशी महराज जरसंध का वध किया गया |

चंद्रवंशी (Chandravanshi) कौन हैं?

चंद्रवंशी “चंद्रमा के वंश या चंद्रवंश समाज ” से संबंधित लोग था।। हिंदू महाकाव्य महाभारत ग्रन्थ के अनुसार, चंद्रवंशियों को हिंदू चंद्रमा भगवान चंद्र से सम्भोदित किया जाता है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के हिस्सों में बड़ी मात्रा में चंद्रवंशी समाज (Rawani Chandravanshi – Kahar Chandravanshi) पाए जाते हैं।

Chandravanshiचंद्रवंशी
Chandravanshi चंद्रवंशी

भगवान कृष्ण और पांडवो भी चंद्रवंशी थे| महाभारत के ज्यादा तर राजा चंद्रवंशी क्षत्रिये ही थे इसलिए कहा जाता है की महभारत चंद्रवंशी राजाओ की कहानी है |

चंद्रवंशी (Chandravanshi) राजा जरासंध को किसने मारा?

इस संसार में महाराज जरासंध को हरा नहीं सकता था और महाराज जरासंध को बस अजय अमर बनाना था और ये चीझ भगवन कृष्णा और पांडवो नहीं चाहते थे और जरासंध के बीच भयंकर युद्ध हुआ। जरासंध, भीम से अधिक शक्तिशाली था और भीष्म के लिए जरासंध को हराना बहुत कठिन था।

भगवन कृष्ण भीम को संकेत दिया जरासंध थक चुका हैं, भीम ने अपने शत्रु को चंद्रवंशी महाराज जरासंध (Chandravanshi Maharaj Jarasandh) को अपने सिर के ऊपर उठा लिया और उन्हें दो टुकड़ों में बाँट दिया।

भीम ने दो टुकड़ों को ऐसे फेंक दिया कि वे विपरीत दिशाओं में चले गए। दो टुकड़े एकजुट नहीं हो सके और चंद्रवंशी राजा जरासंध का वध हो गया।

क्षत्रिय तीन प्रकार के होते हैं।

• अग्निवंशी (अग्नि से अवतरित)
• चंद्रवंशी (चंद्रमा (चंद्र) से अवतरित)
• सूर्यवंशी (सूर्य (सूर्य) से अवतरित)

सूर्यवंशी क्या है?

सूर्यवंश – सूर्यवंश समाज वंश से संबंधित व्यक्ति है।
रघुवंशी राजपूत सूर्यवंशी समाज का एक वंश है।
• राजपूत सूर्यवंशी हैं और कुछ राजपूत चंद्रवंशी हैं।
• चंद्रवंशी को कहार चंद्रवंशी और रवानी चंद्रवंशी के नाम से भी जाना जाता है।

हिंदू संस्कृति में, गोत्र शब्द को आमतौर पर कबीले के विपरीत माना जाता है।

Chandravanshi facebook Group

चंद्रवंशी – हिंदू भगवान चंद्रमा (चंद्र राजवंश)

• कहार – बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, यूपी
रवानी-बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उ.प्र
• झाल
• जडेजा
• सरवैया
• जडेजा
• बाणापार
• पठानिया
• भाटी
• बुंदेला
• चंदेला
• चावड़ा
• दहिया
• कटोच

सूर्यवंशी राजपूत – हिंदू भगवान सूर्य (सौर वंश)

• सांगावत
• सारंगदेवोत
• कछवाहा → अलवर, अंबर, जयपुर
• कल्याणोत
• राजावत
• शेखावत
• बरगुजर – कश्मीर से गुजरात और महाराष्ट्र बरगुजर
• सिकरवार → मध्य प्रदेश
• जम्वाल – जम्मू और कश्मीर
• तोमर, तंवर, तुअर- उत्तरी भारत
• गुहिलोट → काठियावाड़
• सिसोदिया → मेवाड़
• राणावत
• चुंडावत
• जसरोटिया
• पुंडीर
• राठौर – मारवाड़, जंगलादेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश
• चंपावत
• धंधुल भदेल (राठौर) जोधा
• खोखर
• कुम्पावत
• जैतवत

अग्निवंशी हिंदू भगवान अग्नि

• चौहान
• देवरा
• हाड़ा
• भदौरिया
• खिंची
• सोंगरा-गुज़रत
• सोलंकी
• बघेल
• परमार
• मोरी
• सोढ़ा
• सांखला
• प्रतिहार
• इंदा

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, (Chandravanshi) को क्षत्रिय वर्ण या योद्धा-शासक जाति के प्रमुख घरों में से एक है। इस पौराणिक राजवंश को चंद्रमा से संबंधित देवताओं (सोमा या चंद्रा) से सम्बोधित किया गया था।

शतपथ ब्राह्मण के अनुसार, राजवंश के संस्थापक पुरुरवस बुड्ढा के पुत्र (स्वयं को अक्सर सोमा के पुत्र के रूप में वर्णित किया गया था) और लिंग-परिवर्तन करने वाले देवता इल्या (मनु की पुत्री के रूप में जन्म)। पुरुरवस के परपोते ययाति थे, जिनके यदु, तुर्वसु, द्रुह्यु, अनु और पुरु नामक पाँच पुत्र थे: ये वेदों में वर्णित पाँच इंडो-आर्यन जनजातियों के नाम प्रतीत होते हैं।

महाभारत के अनुसार, राजवंश के पूर्वज इला ने प्रयाग से शासन किया था, और उनका एक बेटा शशबिन्दु था, जो बाहली देश में शासन करता था।इला के वंशजों को आइला या चंद्रवंश के नाम से भी जाना जाता था।

शेष लेख पढ़ें

चंद्रवंशी के देवता, देवी और गोत्र 🥇Chandravanshi Gods, Goddesses & Gotras🥇

महराज जरासंध की कहानी 🥇Jarasandh जन्म और मृत्यु का सत्य🥇

चंद्रवंशी कहार का इतिहास 🥇Chandravanshi Kahar🥇

अखिल भारतीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा 🥇इतिहास🥇

Chandravanshi facebook Group

मुझे उम्मीद है कि इस चंद्रवंशी गाइड ने आपको दिखाया कि चंद्रवंशी इतिहास क्या है।

और अब मैं आपसे पूछना चाहता हूं।

क्या आपने चंद्रवंशी गाइड कुछ नया सीखा ?

या हो सकता है कि आपका कोई सवाल हो।

किसी भी तरह से, अभी नीचे एक टिप्पणी छोड़ दें।

मैं इस ब्लॉग में आपके उत्तर का उल्लेख करूंगा।

जय जरासंध 🙂

Did you learn something new from this Chandravanshi guide?

Or maybe you have a question.

Either way, leave a comment below right now.

Jai Jarasandh 🙂

💪 सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं चंद्रवंशी समाज नहीं मिटने दूंगा, मैं चंद्रवंशी सर नहीं झुकने दूंगा! 💪
– निशांत चंद्रवंशी

Summary
चंद्रवंशी समाज का इतिहास | Chandravanshi Rawani kshatriya
Article Name
चंद्रवंशी समाज का इतिहास | Chandravanshi Rawani kshatriya
Description
चंद्रवंशी समाज का इतिहास | Read latest updates on Chandravanshi, Rawani and Kahar Kshatriya.
Author
Publisher Name
United Chandravanshi Association UCA | संयुक्त चंद्रवंशी महासंघ
Publisher Logo

Leave a Reply